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बढ़ती बेरोज़गारी पर मोन क्यों है सरकार ?

 आज भारत में बेरोज़गारी की भयानक समस्या एक अभिशाप के जैसे युवाओं के दिलों,दिमाग में अपना घर बनाती जा रही है।

जिधर देखो, उधर एक ही बात है सरकारी नोकरी कैसे हासिल की जाए

आज युवा का एक ही सपना है ग्रेजुएशन होते ही उसे एक अच्छी सरकारी नौकरी मिल जाए बस...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बीजेपी सरकार कही झूठे दावे कर चुकी है कि देश में रोजगार की कोई कमी नहीं है...लेकिन ऐसे दावों के कोई सिर पैर नहीं होते हैं।



NSSO के द्वारा दिए आंकड़ों के मुताबिक भारत में पिछले 45 वर्षो में बेरोज़गारी अपने उच्च स्तर पर है, 

भारत की बेरोज़गारी दर फरवरी 2020 में बढ़कर 7.78%  हो चुकी है

में इसके लिए दो कारणों को जिम्मेदार मानता हूं, पहली नई नौकरियों का सृजन नहीं कर पाना, दूसरी उद्योगों में मेन पावर की कमी...सरकार का अड़ियल रवैया...मानो जैसे वह पैसा खर्च ही नहीं करना चाहती... लोगों के हाथों में पैसा आए...उनकी ये कतई मंसा नहीं है

आज ये स्थिति बन गई है कि समूचा भारत बेरोजगारी की भयंकर चपेट में आ गया है

आप अंदाजा लगा सकते हो, पीछले कई सालों से भारत में रेप, चोरी, अपहरण जैसे अपराधों में वृद्धि हुई हैं...आप सोच रहे होंगे ऐसा कैसे...

ज्यादातर युवा वर्ग रोज़गार नहीं मिलने के अभाव में अपने कदम अपराधों की खोफनाक दुनिया में रख देते है

                हम कह सकते है कि उनका ये क़दम पूरी तरह गलत है।

 देश की तमाम पार्टियां चुनाव के समय लंबे लंबे बादे करती हैं, युवाओं, किसानों, महिलाओं, दलित और आदिवासी एवम् अल्पसंख्यक लोगों के कल्याण के लिए कई सारे खोखले चुनावी वादे किए जाते हैैं....बाद में उन्हें सत्ता प्राप्त करने के, भाषण देने का चुनावी जुमला कह दिया जाता हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 70बे जन्मदिन पर, 17 September को युवाओं ने #राष्ट्रीय_बेरोजगार_दिवस के रूप में मनाया, सभी युवा साथियों ने Twitter #Tag चलाया, जो लगभग 3 मिलियन टवीट्स के साथ सारे दिन टॉप ट्रेंड करता रहा...मानो जैसे युवाओं के इस प्रयास ने मोदी जी के जन्मदिन को फ़ीखा कर दिया हो, जैसे सोई हुई सरकार को जगा दिया हो...मोदी जी दाढ़ी बढ़ाने से कोई रवीन्द्र नाथ टैगोर नहीं बन जाता... दाढ़ी नहीं, युवाओं के लिए रोज़गार बढ़ाइए जब देश तरक्की करेगा।

इधर उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कारनामें भी कुछ कम नहीं है,  तत्कालीन योगी सरकार सरकारी भर्तियों के बदलाव में एक परिवर्तन कर रही है, जो काफ़ी चिंताजनक है, इसके हिसाब से उत्तर प्रदेश में  शुरुआती 5 बर्ष तक संबिदा पर सरकारी नौकरी करनी पड़ेगी,

अगर आपने संविदा के  इन 5 वर्षो में अच्छा प्रदर्शन किया है या आप उस पद के लिए योग्य उम्मीदबार नहीं हो...तो आपको कार्य मुक्त करके घर भेज दिया जाएगा।

भारत में ऐसे करोड़ों बीजेपी अंधभक्त है जो इस काले कानून का भी समर्थन कर रहे है।

ये लोग सरकारी एयर इंडिया, BSNL, Railways Banks का तेज़ी से हो रहे निजीकरण के पूर्ण समर्थन में है....लेकिन इनको नौकरी सरकारी ही चाहिए।

दैनिक भास्कर में  अगस्त 2019 में छपी एक खबर को देखो तो, वाहन बिक्री में 19 साल की सबसे बड़ी गिरावट आई है. जिससे 10 लाख लोगों की नौकरियों जाने का खतरा पैदा हो गया है

Railways NTPC में 35208 पदों के लिए 1.26 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए है...सोच सकते हो आप की बेरोज़गारी किस स्तर पर पहुंच गई है

जितनी ताकत मोदी ने विपक्षी दलों, निजीकरण, लोगों का रोजगार छीनने में लगाई है, उतनी ही ताक़त अगर युवाओं को रोज़गार, किसान के कल्याण में लगाते तो देश रातों रात बदल जाता....

देश के तमाम न्यूज चैनल, अख़बार जिनको लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहते हैं, आज सिर्फ़ सरकारी गुलाम बन गया हैं...इनका काम सिर्फ हिंदू-मुस्लिम नफ़रत परोसना, कभी कंगना के नाम पर, तो कभी साधुओं के नाम पर...सारे दिन इनका नफ़रती कार्यक्रम चलता रहता हैं...देख लेना एक दिन ऐसा आएगा जब तुम लोग भी बेरोजगार हो जाओगे...

भारत की इस दयनीय स्थिति के जिम्मेदार यहां के राजनेता हैं, जिन्होंने अर्थव्यवस्था को -23 पर लाके रख दिया हैं, जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए कोई ठोस क़दम नहीं उठाए, गरीब किसानों को उचित मूल्य पर कृषि उपकरण मुहैया नहीं करवाते, छोटे छोटे उद्योग तो जैसे ख़तम ही कर दिए हो, युवाओं को बेरोज़गारी के दल दल में ठकेल दिया है।

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