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#सच्ची मोहब्बतें... एक कहानी मात्र





  • आज के दिन तुम मुझे मिले थी, तुम्हारे बताए बिना ही में तुम्हारी पसंद जान गया... ढेर सारे रेड रोजेज लेकर तुम्हे सरप्राइज कर दिया
शायद किस्मत भी यही चाहती थी की तुम्हारी पलको की छाय में, में अपनी पूरी जिंदगी बिता दू
आज पहली बार तुम मुझसे अपसेट हुई हो, तुम्हारी नाराजगी ने जैसे पूरी दुनिया को खामोश कर दिया…..ना
सूरज निकला, ना रोशनी हुई…तुम्हारी उदासी ने जैसे फूलों को मुरझा दिया हो…लेकिन फिर मैने तुम्हे मनाया, एक ये ही हंसी के लिए में कुछ भी कर सकता हूं।
तुम कहते तो शायद चांद को भी तुम्हारे क़दमों में ला देता।
आज होली है, मुझे होली का त्योहार कभी पसंद नहीं था, लेकिन इस बार कुछ लगा था, ऐसा लगने लगा था…..जैसे होली सबसे अच्छा फेस्टिवल है
शायद उसकी बजह तुम थी क्योंकि होली के हज़ारों रंगो की तरह, मेरी लाइफ में भी बहार बन कर आए
*तेरे बिना में कुछ भी नहीं*

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